सरायकेला-खरसावां को केंद्र की सौगात: ₹1168 करोड़ से बनेगी गम्हरिया-चांडिल तीसरी-चौथी रेल लाइन
केंद्र सरकार ने झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले को बड़ी विकासात्मक सौगात दी है। आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने गम्हरिया-चांडिल रेलखंड के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन निर्माण परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर कुल ₹1168 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
📍 26 किलोमीटर रूट पर 68 किलोमीटर नई ट्रैक
करीब 26 किमी लंबे इस रूट पर कुल 68 किमी नई ट्रैक बिछाई जाएगी। यह मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना इस व्यस्त औद्योगिक रेलखंड की क्षमता बढ़ाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- 13 बड़े पुल
- 59 छोटे पुल
- 2 आरओआर
- 13 आरयूबी
- 2 आरओबी
- 4 लेवल क्रॉसिंग
इन निर्माण कार्यों से सुरक्षा और परिचालन दक्षता दोनों में सुधार होगा।
🚛 माल ढुलाई क्षमता में बड़ा इजाफा
गम्हरिया-चांडिल रेलखंड औद्योगिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। इस परियोजना से प्रतिवर्ष लगभग 26.8 मिलियन टन अतिरिक्त माल परिवहन संभव होगा।
सरकार के अनुसार, लॉजिस्टिक लागत में कमी से करीब ₹139 करोड़ प्रतिवर्ष की बचत का अनुमान है।
🌿 पर्यावरण को भी लाभ
इस परियोजना से प्रतिवर्ष लगभग 6 करोड़ किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। यह लगभग 25 लाख पेड़ लगाने के बराबर पर्यावरणीय लाभ है।
🏞 पर्यटन को बढ़ावा
चांडिल डैम और दलमा वन्यजीव अभयारण्य जैसे पर्यटन स्थलों तक बेहतर रेल संपर्क मिलेगा। इससे स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
👷 रोजगार सृजन
निर्माण चरण में लगभग 18 लाख मानव-दिवस रोजगार सृजित होने का अनुमान है। यह परियोजना क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति देगी।
गम्हरिया-चांडिल तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना को झारखंड के विकास में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
