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Kolkata Metro का बड़ा ग्रीन कदम! Central Station पर 6.4 MWh Battery Energy Storage System शुरू

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Kolkata Metro का ऐतिहासिक कदम – Central Station पर 6.4 MWh Battery Energy Storage System शुरू

Metro Railway, Kolkata ने आज Blue Line के Central Station पर 6.4 MWh क्षमता का Battery Energy Storage System (BESS) सफलतापूर्वक चालू कर दिया। यह पूर्वी भारत का पहला ऐसा प्रोजेक्ट है और साथ ही Indian Railways तथा भारत के Metro सिस्टम में भी अपनी तरह का पहला कदम है।

यह महत्वाकांक्षी परियोजना M/s Delta Electronics India Pvt Ltd द्वारा लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई है। इस सिस्टम का उद्देश्य ऊर्जा दक्षता बढ़ाना और Metro संचालन को और अधिक विश्वसनीय बनाना है।

⚡ क्या है Battery Energy Storage System (BESS)?

Battery Energy Storage System एक उन्नत तकनीक है जो अतिरिक्त बिजली को स्टोर कर आवश्यक समय पर उपयोग के लिए उपलब्ध कराती है। इससे न केवल ऊर्जा बचत होती है, बल्कि ग्रिड फेल होने या पावर कट की स्थिति में भी Metro सेवाएं बाधित नहीं होतीं।

🚇 यात्रियों को क्या होगा फायदा?

  • Power outage या grid failure की स्थिति में फंसी हुई ट्रेनों को आगे बढ़ाने में मदद
  • Tunnel Ventilation System और Environment Control System को बैकअप सपोर्ट
  • Peak energy demand में कमी
  • Power factor improvement के जरिए बिजली खर्च में बचत

Metro Railway को उम्मीद है कि 13-15 वर्षों के भीतर यह परियोजना अपनी पूरी लागत की भरपाई कर लेगी, ऊर्जा बचत और बेहतर संचालन दक्षता के कारण।

🌱 Sustainable और Green Metro की दिशा में बड़ा कदम

यह पहल Sustainable Transport और Clean Energy की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान है। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और Metro संचालन और अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनेगा।

Ministry of Railways के इस प्रयास से स्पष्ट है कि Indian Railways और Metro सिस्टम आधुनिक तकनीक और हरित ऊर्जा समाधानों को तेजी से अपना रहे हैं।

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