🚆 मुज़फ्फरपुर से पुणे और हैदराबाद की सीधी ट्रेन सेवा अब नियमित
मुज़फ्फरपुर से महाराष्ट्र के पुणे और तेलंगाना के हैदराबाद (चर्लापल्ली) के बीच चल रही विशेष ट्रेन सेवाओं को अब नियमित कर दिया गया है। इससे बिहार के यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा में बड़ी राहत मिलेगी। पहले ये ट्रेनें त्यौहार स्पेशल के रूप में चल रही थीं, लेकिन बढ़ती मांग को देखते हुए इन्हें नियमित सेवा में शामिल किया गया है।
📅 मुज़फ्फरपुर–पुणे एसी एक्सप्रेस (15589/15590) का पूरा टाइमटेबल
ट्रेन संख्या 15589 मुज़फ्फरपुर से प्रत्येक सोमवार शाम 7:20 बजे प्रस्थान करती है और बुधवार सुबह 6:25 बजे हडप्सर (पुणे) पहुंचती है। कुल यात्रा समय लगभग 35 से 36 घंटे का है।
वापसी में ट्रेन संख्या 15590 हडप्सर (पुणे) से बुधवार सुबह 10:00 बजे चलती है और गुरुवार रात लगभग 10:00 बजे मुज़फ्फरपुर पहुंचती है।
🛤️ मुज़फ्फरपुर–पुणे ट्रेन का प्रमुख रूट
यह ट्रेन मुज़फ्फरपुर, हाजीपुर, पटना क्षेत्र, आरा, बक्सर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, प्रयागराज क्षेत्र, जबलपुर, इटारसी, भुसावल होते हुए पुणे पहुंचती है। यह रूट उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत को सीधे जोड़ता है।
📅 मुज़फ्फरपुर–हैदराबाद (चर्लापल्ली) अमृत भारत एक्सप्रेस (15293/15294)
ट्रेन संख्या 15293 प्रत्येक मंगलवार सुबह 11:30 बजे मुज़फ्फरपुर से प्रस्थान करती है और बुधवार रात लगभग 11:50 बजे चर्लापल्ली (हैदराबाद) पहुंचती है। यात्रा समय लगभग 36 घंटे से अधिक का है।
वापसी में ट्रेन संख्या 15294 चर्लापल्ली से गुरुवार सुबह 4:05 बजे चलती है और शुक्रवार शाम लगभग 4:00 बजे मुज़फ्फरपुर पहुंचती है।
🚉 हैदराबाद रूट के प्रमुख स्टेशन
यह ट्रेन उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कई महत्वपूर्ण स्टेशनों से गुजरते हुए तेलंगाना पहुंचती है। इससे बिहार से दक्षिण भारत की कनेक्टिविटी और मजबूत हुई है।
🛌 कोच संरचना और सुविधाएं
इन ट्रेनों में लगभग 22 कोच लगाए गए हैं। यात्रियों के लिए स्लीपर, एसी 3-टियर और एसी 2-टियर जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। लंबी दूरी की यात्रा के लिए ये ट्रेनें किफायती और आरामदायक विकल्प प्रदान करती हैं।
📌 यात्रियों के लिए जरूरी जानकारी
• अग्रिम आरक्षण कराना बेहतर रहेगा
• यात्रा से पहले रनिंग स्टेटस अवश्य जांचें
• लंबी दूरी की यात्रा होने के कारण भोजन और पानी की व्यवस्था रखें
• त्योहार और छुट्टियों के दौरान सीटें जल्दी भर सकती हैं
इन दोनों नियमित ट्रेनों से बिहार, महाराष्ट्र और तेलंगाना के बीच व्यापार, शिक्षा और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।