🚆 Boarding Station Change Rule Update: अब ट्रेन छूटने से कुछ घंटे पहले भी बदल सकेंगे स्टेशन
भारतीय रेल ने यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए Boarding Station Change Rule में बदलाव किया है। अब यात्री ट्रेन छूटने से कुछ घंटे पहले भी अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। पहले यह सुविधा केवल 24 घंटे पहले तक ही उपलब्ध थी।
📅 Railway Boarding Point Change System: कैसे करेगा काम?
रेल मंत्रालय ने 19 फरवरी को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। Centre for Railway Information Systems (CRIS) ने सिस्टम अपडेट करना शुरू कर दिया है।
पहले यदि कोई यात्री जम्मू से दिल्ली की टिकट लेकर जालंधर से सवार होना चाहता था, तो उसे 24 घंटे पहले आवेदन करना जरूरी था। आवेदन न करने पर टिकट चेकिंग स्टाफ खाली सीट किसी अन्य यात्री को दे देता था।
अब यात्री सेकेंड चार्ट लोकेशन से पहले अपना Boarding Station बदल सकेगा। इसका मतलब है कि ट्रेन रवाना होने से 5–6 घंटे पहले तक भी यह सुविधा मिल सकती है।
📍 Second Chart Location Benefit: यात्रियों को कैसे मिलेगा फायदा?
हर ट्रेन में पहला चार्ट शुरुआती स्टेशन पर बनता है, जबकि दूसरा चार्ट अगली चार्ट लोकेशन पर। यदि यात्री ने अपनी Boarding Location बदल ली, तो उस हिस्से की सीट कंप्यूटर सिस्टम में खाली दिखेगी।
इससे:
- सीट खाली नहीं जाएगी
- रेलवे को राजस्व मिलेगा
- सीट का सही उपयोग होगा
🎟️ RAC Passengers Benefit: ऐसे होगा कंफर्म टिकट का फायदा
यदि कोई यात्री जम्मू से लुधियाना तक अपनी Boarding बदलता है, तो उस हिस्से की सीट सिस्टम में खाली हो जाएगी।
अगर करंट काउंटर से कोई टिकट नहीं लेता, तो यह सीट RAC यात्री को अलॉट हो सकती है। अब टिकट चेकिंग स्टाफ अपनी मर्जी से सीट अलॉट नहीं कर पाएगा — सब सिस्टम से होगा।
👥 Daily Passengers Relief: 2.5 करोड़ यात्रियों को सुविधा
देशभर में रोज़ लगभग ढाई करोड़ यात्री रेल से सफर करते हैं। इस Boarding Station Change Update से यात्रियों को अधिक लचीलापन मिलेगा और ट्रेन छूटने की स्थिति में भी राहत मिलेगी।